इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केन्द्र


नई दिल्ली, 11 अगस्त । दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की हिन्दू द्रोही व मुस्लिम तुष्टीकरण की नीतियों पर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने मोर्चा खोल दिया है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा - मंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि गत कुछ वर्षों में दिल्ली सरकार ने मुस्लिम तुष्टीकरण , आतंकियों की पैरोकारी , हिन्दू मान - विंदुओं पर हमले तया हिन्दू समाज के खून पसीने की कमाई को उन्हीं के विरुद्ध खर्च करने के अभूतपूर्व रिकार्ड बनाए हैं। इस कारण ऐसा लगता है कि दिल्ली आतंकवाद के ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठी है। विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली को जिहादियों व हिन्दू - द्रोहियों की राजधानी बनाने के उनके सपने को साकार नहीं होने देगी। उन्होंने पूछा कि उत्तर प्रदेश में रहने वाले गौ - हत्यारे अखलाख व अन्य जिहादियों पर तो मुख्यमंत्री दिल्ली का धन दिल खोलकर लुटाते हैं किन्तु , जब बात अंकित सक्सेना , ध्रुव त्यागी , रिया गौतम , योगेश कुमार , डॉ पंकज नारंग , अंकित गर्ग , राहुल राजपूत , रतन लाल , अंकित शर्मा जैसे अनेक जिहादियों के शिकारों की आती है तो वे मुंह क्यों फेर लेते है ? कोरोना से मृत्यु होने पर मुस्लिम डॉक्टर अनस मुजाहिद के परिजनों को तो मुस्तफाबाद जाकर एक करोड़ दे आते हैं किन्तु दिल्ली की जनता को नहीं पता कि डॉ . के . के अग्रवाल जैसे दर्जनों कोरोना योद्धा हिन्दू डॉक्टरों के लिए उन्होंने कुछ किया हो। बांग्लादेशी व रोहिंग्या मुसलमान घुसपैठियों तथा हज हाउस के रूप में जिहादियों के अड्डे तो इन्हें स्वीकार्य है किन्तु कथित हनुमान भक्त को उन्हीं का मंदिर क्यों नहीं सुहाता ? मुल्ले / मौलवी / मुअज्जिनों को तो ये बढ़ा हुआ वेतन भी देते हैं किन्तु , पुजारियों की कोविड संकट काल में भी सहायता से कतराते हैं। राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर सैंकड़ों अवैध मजारें इनके संरक्षण में फलफूल रही हैं।