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शिमला, 1 जनवरी। - विश्व हिन्दू परिषद्/बजरंग दल ने आज शिमला में उपायुक्त शिमला के माध्यम से राज्यपाल को पालमपुर में हुए धर्मान्तरण के खिलाफ , दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई करने हेतू ज्ञापन दिया। ज्ञात हो कि पिछले दिन पालमपुर क्षेत्र के एक गांव में ईसाई मिशनरियों ने एक ही गांव के 50 से अधिक लोगों का धर्मान्तरण किया था , जिसके बाद हिन्दूवादी संगठनों में गुस्से की लहर है। उक्त जानकारी बजरंग दल जिला शिमला के जिला संयोजक नरेश दास्टा ने आज प्रेस को जारी एक वक्तव्य में दी।

 

दास्टा ने कहा कि प्रांत संयोजक बजरंग दल राजेश शर्मा के नेतृत्व में आज शिमला में प्रदेश में बढ़ रहे धर्मान्तरण के खिलाफ ए.डी.सी. शिमला के माध्यम से प्रदेश के माननीय राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया जिसमें प्रदेश में ईसाईयों द्वारा धर्मान्तरण की गतिविधियों के खिलाफ नकेल कसने तथा राज्य सरकार से धर्म स्वतन्त्रता विधेयक में आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई है।

 

बजरंग दल प्रांत संयोजक राजेश शर्मा ने कहा कि पिछले लम्बे समय से प्रदेश में धर्मान्तरण की गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के भोले-भाले हिन्दुओं को पैसे के बल पर सेवा के नाम पर धर्म परिवर्तन को मजबूर किया जा रहा है। धर्मान्तरण की गतिविधियों में रोकथाम के लिए विश्व हिन्दू परिषद् सहित अनेक हिन्दूवादी संगठन पिछले लम्बे समय से प्रदेश की पूर्व सरकार व प्रशासन के समक्ष धर्मान्तरण के मुद्दे को उठाते रहे हैं। लेकिन प्रदेश की पूर्व सरकार की ओर इस विषय पर कड़ी करवाई करने के आश्वासन के सिवा कुछ नही मिला। जिसका परिणाम यह हुआ कि ईसाई मिशनरियां अब पूरे प्रदेश में पैसे के बल पर सेवा के नाम से खुलेआम हिन्दुओं के धर्मान्तरण के लिए सक्रिय होकर , बिना किसी डर कार्य कर रही हैं। यह उसी का परिणाम है कि जिला कांगड़ा , तहसील  पालमपुर के भ्रमात गांव में 50 लोगों का धर्मान्तरण किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि ईसाई मिश्नरियां पिछले लगभग दो दशक से प्रदेश में धर्मान्तरण के गोरखधंधे में लगी है। जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए , 2006 में उस समय की सरकार ने धर्म स्वतन्त्रता विधेयक पारित किया था , जिसके अनुसार अगर कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है , तो उसे उस सम्बद्ध में स्थानीय डी.सी./एस.डी.एम. को इस सदर्भ में लिखित जानकारी देनी पड़ती थी , धर्म परिवर्तन का कारण बताना पड़ता था ,  लेकिन 2011 में ईसाई मिशनरियों ने हिमाचल उच्च न्यायालय में इस विधेयक को चैलेंज कर , इस विधेयक में कुछ परिवर्तन करवा दिए , जिस कारण से प्रदेश में ईसाईयों द्वारा धर्मान्तरण की गतिविधियों में आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश की पूर्व राज्य सरकार की ओर से धर्मान्तरण के मुद्दे को गंभीरता से नही लिया गया , जिसका परिणाम यह हुआ की देवभूमि में ईसाई मिशनरियां पैसे के बल पर हिन्दुओं के धर्मान्तरण में सक्रिय होकर कार्य कर रही हैं।

 

राजेश शर्मा ने कहा कि हमने प्रदेश के माननीय राज्यपाल तथा प्रदेश की वर्तमान सरकार से मांग की है कि प्रदेश में ईसाई मिशनरियों द्वारा पैसे के बल पर सेवा के नाम से धर्म परिवर्तन करवाने की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई लाए , जो लोग धर्मान्तरण की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कारवाई की जाए , तथा प्रदेश की वर्तमान सरकार प्रदेश में धर्म स्वतन्त्रता विधेयक कानून को और कठोर बनाए , जिससे प्रदेश में धर्मान्तरण की गतिविधियों में रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कोई कारवाई नहीं की गई तो पूरे प्रदेश में ईसाई मिशनरियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

 

इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् जिला सह मंत्री रमण वर्मा , जिला बजरंग दल सयोजक नरेश दास्टा , जिला समन्वय प्रमुख सुशील शर्मा , डिप्टी मेयर राकेश , पार्षद विवेक शर्मा , जिला संघचालक अजय सूद , समाज सेवी श्री आशुतोष , राजकुमार , विहिप कामना नगर अध्यक्ष अमर सिंह वर्मा , नगर मंत्री के.डी.शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।